
Satya Khabar,Panchkula
Farmers Protest : हरियाणा किसान-मजदूर संघर्ष मोर्चे ने जाट धर्मशाला में शुक्रवार को बैठक कर एमएसपी पर फसलों की खरीद की गारंटी, किसानों-मजदूरों की संपूर्ण कर्जा माफी और अन्य मांगों को लेकर चर्चा की। मोर्चा नेताओं ने घोषणा की कि 23, 24 और 25 फरवरी 2026 को पूरे प्रदेश के किसान-मजदूर कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास पर महापड़ाव करेंगे।
नेताओं ने कहा कि कर्ज माफी और फसलों के पूरे दाम की मांग को लेकर मोर्चा पूरे हरियाणा में यात्राएं निकालकर किसानों-मजदूरों को एकजुट करेगा। किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री हरियाणा के नाम एसडीएम जींद को मांग पत्र सौंपा, जिसमें स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के आधार पर एमएसपी तय कर फसल खरीद गारंटी कानून बनाने, संपूर्ण कर्जा माफी, धान खरीद व भावांतर योजना में हुए कथित घोटालों की निष्पक्ष जांच, किसान आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों की वापसी और विदेशी दबाव में किए जा रहे किसान-मजदूर विरोधी एग्रीमेंट रद्द करने जैसी मांगें रखी। खेती को डब्ल्यूटीओ से बाहर निकालने, बिजली संशोधन बिल रद्द करने, ट्रैक्टर पर बढ़ाया गया रजिस्ट्रेशन टैक्स वापस लेने, 10-12 वर्ष पुरानी गाड़ियों पर लगी पाबंदी हटाने और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधार की मांग भी रखी गई।

किसान संगठन के नेताओं ने बताया कि आज जींद में हरियाणा के 9 किसान संगठनों ने मीटिंग की जिसमें किसानों ने फैसला लिया कि अपनी मांगो को लेकर किसान मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे किसानों की मांगों में किसानों का कर्जा सरकार माफ करना, खराब हुई फसलों का उचित मुआवजा मिलना शामिल हैं। 16 दिसम्बर को किसान अपने हल्के के विधायकों को अपनी मांगो को लेकर ज्ञापन देंगे और इस मामले को विधानसभा में उठाने की मांग करेंगे। अगर किसानों की मांगों को स्वीकार नहीं किया गया तो किसान कुरुक्षेत्र में 23 से 25 फरवरी तक मुख्यमंत्री नायब सैनी के आवास को घेरने का काम करेंगे।
इस दौरान जगदीप सिंह औलख, मनदीप सिंह नथवान, लखविंदर सिंह औलख, अमरजीत सिंह मोहड़ी, अशोक बलहारा, जगबीर घसौला, उमेद फौगाट, दलबीर सिंह, प्रिंस वडैच और हाफिज सिराजुद्दीन मौजूद रहे।
लघु सचिवालय में लंगर
किसानों के इस प्रदर्शन को सिखों का पूरा समर्थन मिला और सिख समाज ने गुरुद्वारे से लंगर लाकर यहां आए सैंकड़ों की संख्या में किसानों को लंगर बांटने का काम किया। किसानों ने लघु सचिवालय में नीचे बैठकर लंगर किया और उसके बाद ही एसडीएम को ज्ञापन सौंपने का काम किया।